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9 घंटों तक नहीं मिला उपचार, शिकायत के बाद आईसीयू में शिफ्ट
उज्जैन | देश की स्वतंत्रता के यज्ञ में अपनी महती आहूती देने वाले सेनानियों का संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में किस प्रकार अपमान होता है इसका जीता जागता उदाहरण आज सुबह देखने को मिला। अस्पताल में न तो ऑक्सिजन सिलेण्डर उपलब्ध थे और न ही एक्सरे फिल्म। यहां तक कि आईसीयू में कमरा तक उपलब्ध नहीं था। ऐसे में वयोवृद्ध सेनानी को 9 घंटों तक प्राथमिक उपचार से वंचित रहना पड़ा और परिजनों को कलेक्टर से शिकायत के लिये बाध्य होना पड़ा।
वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमृतलाल अमृत निवासी कुशलपुरा 95 वर्ष को बीती रात सांस लेने में तकलीफ हुई। उन्हें सुपुत्र ललित ज्वेल रात करीब 1 बजे जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। यहां पर ड्यूटी डॉक्टर ने अमृतलाल को चेक किया ऑर ऑक्सीजन लगाया गया। इसके कुछ देर बाद अमृतलाल ने लघुशंका की बात कही तो वार्ड में यूरिन पोट उपलब्ध नहीं था। नर्स आदि स्टॉफ ने अमृत को ऑक्सीजन मास्क हटाकर 100 मीटर दूर तक ले जाया गया, जबकि उन्हें प्राथमिक उपचार देने के लिये कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ। सुबह ललित ज्वेल ने अव्यवस्थाओं की शिकायत अस्पताल प्रशासन से की उसके बाद डॉ. पौराणिक अमृत का चेकअप करने वार्ड में आये और उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट करने की बात कही। डॉक्टर ने एक्सरे कराने के लिये ललित ज्वेल को कहा। वयोवृद्ध अमृत को एक्सरे रूम लाया गया लेकिन यहां मौजूद कर्मचारियों ने एक्सरे फिल्म नहीं होने की बात कही। कर्मचारियों का कहना था कि डिजिटल एक्सरे की फिल्म खत्म हो चुकी है वर्तमान में सिर्फ एमएलसी मरीजों के एक्सरे ही हो रहे हैं। हालांकि कर्मचारियों ने चर्चा के बाद अमृत का एक्सरे किया बावजूद इसके 11 बजे तक अमृत को प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाया था।